भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश को मिलने वाले ऑक्सीजन टैंकरों को लगातार ट्रेक किया जाए। हमें सभी स्त्रोतों का पूरी तरह से उपयोग करना है। जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है हमें वैसे प्रयास करने हैं। 

चौहान निवास से वर्चुअली प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों से मिल सकने वाली संभावनाओं को तलाशें और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता को भी बढ़ाएँ। केन्द्र सरकार से ऑक्सीजन आपूर्ति के संबंध में निरंतर समन्वय जारी है। जिलों में अगले 24 घंटे की ऑक्सीजन की आवश्यकता का आंकलन कर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाए। कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों का इलाज कर रहे सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन के उपयोग और आपूर्ति की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों को दायित्व सौंपा जाए। उन्होंने कोरोना की रोकथाम और व्यवस्थाओं के लिए गठित कोर ग्रुप से भी जानकारी ली। बैठक में कटनी और पन्ना जिलों की स्थिति की विशेष समीक्षा की गई।

चौहान ने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने में कोरोना कर्फ्यू प्रभावी रहा है। प्रदेश की 12 हजार 572 ग्राम पंचायतों में स्व-प्रेरणा से जनता कर्फ्यू लागू करने का संकल्प लिया गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्रों में 30 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और अन्य पंचायतें भी अपने क्षेत्रों में स्व-प्रेरणा से कोरोना कर्फ्यू लागू करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेसिंटग में कमी नहीं आए और सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित सभी लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। होम आयसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरंतर संवाद, उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार मेडिकल सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोविड केयर सेंटरों में इस प्रकार की व्यवस्था विकसित की जाए कि कम लक्षण वाले मरीजों के लिए यह सेंटर अस्पताल के विकल्प के रूप में कार्य कर सकें। कोविड केयर सेंटरों में आवश्यक व्यवस्थाएँ विकसित कर उनकी विश्वसनीयता बढ़ाना भी आवश्यक है।

चौहान ने बुरहानपुर में कोरोना योद्धाओं की मदद के लिए आरंभ किए गए जिला कोरोना योद्धा सेल के नवाचार की प्रशंसा की। यह केन्द्र शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के कोविड संक्रमित होने पर उनके इलाज में मदद करेगा। यहाँ से बेड तथा जीवन-रक्षक दवाओं की उपलब्धता, टेसिंटग और अन्य सहायता भी उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि होम आयसोलेशन की प्रभावशीलता के आंकलन के लिए यह अध्ययन कराया जाए कि कितने व्यक्ति होम आयसोलेशन में स्वस्थ हुए और कितने मरीजों को होम आयसोलेशन से अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा में संक्रमण नियंत्रण के लिए टेसिंटग बढ़ाने के साथ टेस्ट रिपोर्ट जल्दी प्राप्त करने की व्यवस्था करते हुए संक्रमित क्षेत्रों को रेड, ऑरेंज, ग्रीन कंटेनमेंट जोन बनाकर संक्रमण नियंत्रण की प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस प्रकार की कार्यवाहियाँ अन्य अधिक संक्रमित जिलों में भी की जाना चाहिए।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि प्रदेश में आज 12 हजार 338 पॉजिटिव केस दर्ज हुए हैं। यह कल की तुलना में 850 कम है। इसी प्रकार आज 9,620 व्यक्ति स्वस्थ हुए। प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 23।6 प्रतिशत बनी हुई है।

बैठक में जानकारी दी गई कि संपूर्ण प्रदेश में किल कोरोना अभियान-2 लागू करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अलीराजपुर में 168, बड़वानी में 323, बैतूल में 432, छिंदवाड़ा में 331, झाबुआ में 308 और खरगोन में 471 टीमों द्वारा गाँव-गाँव सर्वे किया गया। अब इस अभियान के अंतर्गत जिस भी विकासखंड में कोरोना के पॉजिटिव प्रकरण या सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित अधिक व्यक्ति होंगे, वहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा सर्वे किया जाएगा और प्रभावित लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में जानकारी दी गई कि 141 कोविड केयर सेंटर का संचालन आरंभ हो गया है। जिनमें 07 हजार 437 आयसोलेशन बेड और 523 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। प्रदेश में 55 हजार 506 मरीज होम आयसोलेशन में रह रहे हैं। इनमें से 43 हजार 680 मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई दी गई है और 47 हजार 975 मरीजों से फोन पर सम्पर्क कर आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई। हरदा में निजी नर्सिंग होम के 8 चिकित्सक जिला कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से होम आयसोलेशन में रह रहे मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दे रहे हैं।

चौहान ने पन्ना और कटनी की अधिक पॉजिटिविटी रेट देखते हुए इन जिलों में विद्यमान परिस्थितियों की समीक्षा की। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने बताया कि भोपाल में 38 स्थानों पर कोरोना सहायता केन्द्र आरंभ किए गए हैं। इन केन्द्रों में प्रात: 10 से सायं 5 बजे तक डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। सर्दी, खाँसी, जुकाम से प्रभावित व्यक्तियों के ऑक्सीजन सेचुरेशन की जाँच कर उन्हें आवश्यकतानुसार दवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

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