इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में विजयादशमी के पर्व पर मंगलवार सुबह करीब 8.30 बजे इंदौर महानगर के 34 नगरों से साथ एक समय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन निकला। स्वयंसेवक अनुशासन का कदमताल करते हुए सडकों पर निकले। इसमें शहरभर के 15 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक शामिल हुए। इस दौरान स्वयंसेवक अनुशासन और राष्ट्रवाद का संदेश देते हुए आगे बढ़े। सभी 34 नगरों में वक्ताओं का बौद्धिक सम्मेलन भी हुआ।
1925 में विजयादशमी के ही दिन केशव बलीराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी। आज करीब 94 साल बाद 45 से ज्यादा देशों में संघ के लाखों स्वयंसेवक हैं। इंदौर में संघ के कार्यकर्ताओं की संख्या हजारों में है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित कई बड़े नेता भी स्वयंसेवक के तौर पर पथ संचलन में शामिल हुए। संघ के विभाग प्रचार प्रमुख सागर चौकसे ने बताया कि इंदौर महानगर के 4 जिलों में द्वारिका, रामेश्वरम, बद्रीनाथ एवं जगन्नाथ जिले के कुल 34 नगरों से यह संचलन निकला। सभी संचलन एक समय पर निकले और तय स्थान पर समाप्त हुए।
अहिल्या नगर का पथ संचलन सुबह 8.30 बजे भाऊ शिंदे खेल परिसर से राजबाडा, इमली बाजार, रामबाग चौराहा और नगर निगम दफ्तर के सामने से होते हुए दोबारा उसी स्थान पर समाप्त हुआ, जबकि गोगादेव नगर का पथ संचलन कुलकर्णी का भट्टा मैदान से शुरू होकर कल्याण मिल नाका, श्याम चरण शुल्क नगर सहित विभिन्न मार्गों पर होता हुआ दूसरी से और से आने वाले संचलन में विलय हुआ। इसके बाद विभिन्न मार्गों से होते हुए इस संचलन का समापन रेडीमेड कॉम्प्लेक्स पर हुआ। इसी तरह मंगल पांडे नगर का पथ संचलन द्वारकापुरी स्थित आनंद स्कूल से आरंभ होकर सुभाष चौक, शनि गली और अन्य मार्गों पर होता हुआ दोबारा वहीं समाप्त हुआ। इसी तरह शहरभर में 34 स्थानों से पथ संचलन निकला, जिसमें बडी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए।
आरएसएस के पथ संचलन में शामिल हुए बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि डेमोक्रेसी के नाम पर भारत में कुछ ऐसे लोग हैं जो देश के लिए खतरनाक हैं, जो हमारे देश में रहकर पाकिस्तान के जयकारे लगाते हैं, इन्हें जवाब देना जरूरी है। विजयवर्गीय ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास दो नंबर का पैसा है। ये पैसा शराब, अवैध माइनिंग और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से अवैध कमाई की जा रही है। किसानों के हक का पैसा जो सरकारी खजाने में जमा होना था वो नेताओं के घर चला गया इसलिए मुआवजा नहीं बंट पा रहा है। पेंशन घोटाले की जांच को लेकर कमलनाथ सरकार पर भड़कते हुए कहा- जो जांच करनी हो कर ले।
