बैतूल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल लोकायुक्त की टीम ने बैतूल में कार्यवाही करते हुए एक नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो पकड़ा है। टीम ने शनिवार सुबह बैतूल के भीमपुर में पहुंचकर यह कार्रवाई की। बताया गया है कि आरोपी तहसीलदार ने सील हो चुकी दुकान को दोबारा खुलवाने के लिए 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
एसपी लोकायुक्त मनु व्यास ने बताया कि फरियादी युवराज वाधकर भीमपुर, जिला बैतूल के रहने वाले हैं। उन्होंने 25 मार्च को लोकायुक्त भोपाल संभाग में नायब तहसीलदार बीडी तमखानिया के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत करते हुए बताया था कि उसके पिताजी के नाम की दुकान गजानंद ड्रायफूटस की थी। कोरोना के समय इसे सील कर दिया था। उन्होंने बताया कि वे माता-पिता के साथ अपनी शादी का सामान लेने अमरावती 16 मार्च को गए थे। वहां से वे वापस आ गए थे। इसके बाद 19 मार्च को नायब तहसीलदार तमखानिया ने टीम के साथ जाकर दुकान को सील कर दिया था। बाद मे जब उन्होने दुकान खुलवाने के लिये चक्कर काटने शुरु किये तो इसके एवज में तहसीलदार 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग करने लगा। युवराज की शिकायत की जांच मे रिश्वत मांगने की बात सही पाये जाने के बाद शनिवार को लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाते हुए आरोपी तहसीलदार को पकड लिया।
