ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में रेत के उत्खनन और परिवहन पर रोक लगी हुई है। बावजूद रात के अंधेरे में यह कारोबार चल रहा है। रविवार की रात लहार के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) उपेंद्र दीक्षित और रौन टीआई मनोज राजपूत ने अचानक मेहदा पुल की ओर जाने वाले बहादुर रोड पर दबिश देकर पांच रेत से भरे ट्रक और सात लोगों को पकडा है। जबकि इस कार्रवाई में कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।
रौन थाना प्रभारी मनोज राजपूत ने बताया कि लहार ,एसडीओपी उपेंद्र दीक्षित को सूचना मिली थी कि रेत से भरे हुए कुछ ट्रक भिण्ड जिले के ऊमरी की ओर से मेहदा पुल की तरफ जा रहे हैं। ऐसे में उनके साथ मेहदा पुल की ओर घेराबंदी की गई। बहादुरपुरा रोड पर रेत से भरे हुए कुछ वाहन दिखाई दिए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रेत से भरे ट्रक क्रमांक यूपी 75 ,टी 5467, ट्रक क्रमांक ,एमपी 07 ,चबी 6144, ट्रक क्रमांक यूपी 75 ,टी 8106, ट्रक क्रमांक यूपी 75 ,म 4674 और ट्रक क्रमांक यूपी 75 ,टी 0197 को पकड लिया। इसके अलावा एक बोलेरो जीप क्रमांक एमपी 30 सी 1008 भी पकडी है। इन वाहनों के साथ विनोद शर्मा निवासी बीटीआई रोड, भिण्ड जितेंद्र शर्मा निवासी पांडरी, महेंद्र सिंह परमार निवासी बीटीआई रोड,भिण्ड, सुनील यादव निवासी बहादुरपुर सैफई इटावा उत्तरप्रदेश, पवन यादव निवासी बहादुरपुरा सैफई, सुनील यादव निवासी बोरेश्वर, अनिल निवासी भारौली को पकडा है। जबकि तीन चार लोग अंधेरा का फायदा उठाकर मौके से भाग गए। पकडे गए लोगों पर पुलिस ने रेत चोरी का मामला दर्ज किया है।
प्रदेश के सामान्य प्रशासन मंत्री डॉं. गोविन्द सिंह ने सार्वजनिक रुप ये बयान जारी कर चंबल संभाग के पुलिस महानिरीक्षक सहित थाना प्रभारी पर रेत के अबैध खनन व परिवहन कराने का आरोप लगाया था। मंत्री ने आरोप लगाया था कि अधिकारी करोडों रुपया कमा रहे है। आरोपों से घिरे पुलिस के अधिकारियों ने आनन-फानन में रेत के अबैध खनन व परिवहन पर रोक लगाई थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद यह कारोवार फिर चालू हो गया है। सैकडों की संख्या में रेत से भरे ट्रक, डंपर प्रतिदिन उत्तरप्रदेश जा रहे है। भिण्ड शहर कोतवाली, भिण्ड देहात थाना, भिण्ड जिले के ऊमरी थाना, रौन थाना, मिहोना थाना, लहार थाना, असवार थाना, भारौली थाना, बरोही थाना, फूप थाना प्रतिदिन रेत परिवहन से लाखों रुपया बसूल रहे है। टोलप्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे के पुटेज से सारी हकीकत पता लग सकती है।
