भोपाल। इस साल प्रदेश में भारी वरसात होने के कारण आपका प्रिय अभिव्यक्ति गरबा जो हर साल नवरात्रि पर होता था, नहीं हो पाया। बादलों ने कल भी अपना रंग दिखाया और हल्की फुहारें पड़ीं। मानों बादल भी अभिव्यक्ति का शुभारंभ करना चाह रहे हों, इसके बाद भी न गरबा करने वालों के पैर थमे…न उत्साह कम हुआ…अभिव्यक्ति जारी रही। इस तरह 21वां अभिव्यक्ति गरबा कल से शुरु हो गया।

कैसा अद्भुत दृश्य था वो जब सिर पर प्रज्ज्वलित दीप और हाथों में मशालें लिए वो प्रतिभागी मां दुर्गा की आरती कर रहे थे। सिर से पैर तक लकदक परिधानों में सजे थे और रणभेरी, शंख और मृदंग के सामूहिक नाद पर एक लय में मां की आराधना कर रहे थे। बादल शाम से मल्हार सुना रहे थे और प्रतिभागी भक्ति से झूम रहे थे। तालियों से उनका उत्साह बढा रहे थे शहर के हजारों नागरिक। जो एक बार फिर उसी उत्सव में आ मिले थे, जहां सालभर पहले कभी न भुला पाने वाली सुंदर स्मृतियां बनी थीं।

एक बार फिर उजली मुस्कराहटों की रोशनी थी। अभिव्यक्ति गरबोत्सव में शहर के हजारों-लाखों नागरिक पहुंचे और गवाह बने 21 वर्षों से चले आ रहे इस अनूठे, अतरंगी और अदभुत समारोह में। इस बार गरबा में विशेष तौर प्रतिभागियों ने मिशन चंद्रयान की थीम पर ड्रेस पहनी साथ ही गरबा महोत्सव में प्रतिभागिों ने धारा 370 के समर्थन में तिरंगा तेकर गरबा किया ।

चार लाख वर्ग फीट ग्राउंड पर 1 लाख वॉट का साउंड सिस्टम लगाया गया है। इस बार की थीम के मुताबिक गरबा स्थल के मुख्य द्वार को गोंड आर्ट से डेकोरेट किया गया है।

अभिव्यक्ति गरबे का बहुत बडा मंच है तो अलग-अलग तरह के जायकों का लुत्फ लेने का मौका भी। इस बार यहां अलग-अलग राज्यों के 25 फूड स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें बनारसी फूड, कलकत्ता के स्नैक्स, गुजराती और पंजाबी व्यंजन समेत कई राज्यों का फूड मौजूद है।

मथुरा के स्टॉल में आपको बेडई आलू की डिश मिलेगी। ओनर रामबाबू शर्मा ने बताया यह ब्रज की फेमस डिश है जो वहां 12 महीने 30 दिन नाश्ते में खाई जाती है। स्टॉल में केसर दूध, शुद्ध घी की जलेबी भी है। जो खाए वह राधे-राधे का नाम जपता रहे। कलकत्ता स्नैक्स के ओनर राकेश शर्मा पनीर चीला लेकर आए हैं जो पूरी तरह हर्बल है। आमतौर पर चीला बेसन से बनाते हैं, लेकिन यह पनीर चीला मूंग दाल से बनाया गया है। यह पेट पर भारी नहीं होती। इसे कलकत्ता में 1972 से परोसा जा रहा है। इसमें 40 साल की मेहनत और जर्नी का स्वाद है। इसे खजूर की चटनी, लहसुन की चटनी, ग्रीन चटनी और स्प्राउट्स के साथ सर्व किया जाता है। स्टॉल में स्पेशल दही बडे भी हैं।

इस बार लगभग 2700 प्रतिभागियों ने पार्टिशिपेंट्स कराया है, जो 1 लाख वॉट के साउंड सिस्टम पर गरबा करेंगे। अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव को पेश कर रहे हैं जॉय ब्यूटी बाय नेचर और सहयोगी हैं स्पिंज बीबी क्रीम। शुक्रवार को एंट्री केवल आमंत्रित अतिथियों के लिए ही होगी।

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