झाबुआ। मध्यप्रदेश के झाबुआ विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने जीत लिया है। उन्होंने भाजपा के भानू भूरिया को 28 हजार मतों से पराजित किया। इस जीत पर भूरिया ने कहा कि जनता ने मुझे एक बार फिर से आशीर्वाद दिया है। मैंने शानदार जीत हासिल की है, इसके लिए मैं जनता को धन्यवाद देता हूं। मेरा मकसद सिर्फ और सिर्फ झाबुआ का विकास है। मैं जीत का श्रेय मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी देना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर एक बार फिर से भरोसा जताया है। भूरिया जनता का आभार जताने खुली जीप पर सवार होकर कार्यकर्ताओं के साथ निकले।

कांतिलाल भूरिया ने कहा कि यह जीत कमलनाथ सरकार पर जनता का भरोसा है। मेरा हमेशा झाबुआ का विकास ही लक्ष्य रहा है। भाजपा ने क्षेत्र की जनता को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जनता उनकी इस चाल को समझ गई। कांग्रेस प्रदेश ही नहीं देशभर में एक जुट है और हमारा राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का नेतृत्व बहुत ही सख्त और मजबूत है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सब मिलकर कांग्रेस को और अधिक मजबूत बनाने में प्रयासरत हैं। भाजपा ने 15 साल प्रदेश में राज किया, लेकिन जनता के लिए कुछ नहीं किया। कमलनाथ सरकार के आते ही प्रदेश और जनता के हित में कई निर्णय लिए गए। किसानों के कर्जमाफी के साथ ही बिजली को लेकर भी एतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

विधानसभा झाबुआ उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। डाकपत्र पत्रों की शुरुआती गिनती में भाजपा के भानू भूरिया जरूर आगे रहे, लेकिन इसके बाद वे कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया को मात नहीं दे पाए। राउंड दर राउंड कांतिलाल की लीड बढती गई और 15वां राउंड आते आते लीड का आंकडा 15 हजार के पार जा पहुंचा।

मतगणना के आगे बढने के साथ ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का जोश भी बढता गया और लीड मिलते ही भूरिया खुली जीप पर सवार होकर जनता का आभार जताने निकले। भूरिया जहां से भी निकले उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कमलनाथ के जमकर जयकारे लगाए। समर्थकों ने दीपावली के पहले जी पटाखे फोड़कर कर जश्न शुरू कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांतिलाल भूरिया को बधाई दी है। भूरिया के निवास पर भी बडी संख्या में कार्यकर्ता हार-फूल लेकर पहुंच गए। यहां परिजनों ने भी उनकी आरती उतारी और माला पहनाकर उन्हें बधाई दी।

विधायक गुमान डामोर के त्यागपत्र के बाद 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के साथ ही झाबुआ में उपचुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। इस बाद 62.01 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। हालांकि, नवंबर 2018 के विधानसभा चुनाव से 2.54ः कम वोट डले। वोटिंग में युवाओं, बुजुर्गों में से 67.35 प्रतिशत ने वोट दिए। महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले 0.07 प्रतिशत ज्यादा मतदान किया। यहां चुनावी मैदान में 5 प्रत्याशी थे। इनमें कांग्रेस से कांतिलाल भूरिया, भाजपा से भानु भूरिया के अलावा तीन निर्दलीय भाजपा के बागी कल्याणसिंह डामोर, नीलेश डामोर और रामेश्वर सिंगाड मैदान में थे।

साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में झाबुआ सीट पर कांतिलाल भूरिया के बेटे डॉ. विक्रांत भूरिया कांग्रेस से और गुमानसिंह डामोर भाजपा से खडे हुए थे। डामोर चुनाव जीत गए थे। मई 2019 के चुनाव में भाजपा ने डामोर को रतलाम सीट से लोकसभा प्रत्याशी बना दिया। ये चुनाव भी वो कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया से जीत गए। इसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। यह चुनाव दोनों ही पार्टी कांग्रेस और भाजपा के लिए काफी मायने रखती है।

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