इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर के सुखलिया में रहने वाले 68 वर्षीय डॉ. माधो तिवारी और उनकी पत्नी सुशीला शनिवार को उस वक्त हैरान रह गए, जब एसपी (पूर्व) मो. यूसुफ कुरैशी और पुलिस टीम अचानक उनके घर पहुंची। वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही एसपी ने उनके हाथ में मिठाई, फल की टोकरी थमाई और सिर पर साफा बांधकर पैर छुए। कहा आपका बेटा बॉर्डर पर तैनात है, लेकिन मैं भी आपका बेटा हूं। आप मेरे साथ दीपावली मनाएं।
इतना सुनते ही दंपती की आंखें भर आईं। डॉ. तिवारी ही नहीं, उनके सहित 12 ऐसे परिवारों के घर जाकर पुलिस टीम ने दीपावली मनाई, जो अकेले हैं या उनके बेटे या बेटी किसी कारणवश दीपावली पर यहां नहीं आ सके। ऐसे परिवार पुलिस विभाग में सिल्वर कार्डधारी सीनियर सिटीजन के तौर पर रजिस्टर्ड हैं।
डॉ. तिवारी सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पद से रिटायर्ड होने के बाद पत्नी के साथ इंदौर में रह रहे हैं। उनका बेटा सेना में कर्नल के पद पर पदस्थ है। एसपी उनके घर पहुंचे और बोले आप यह न सोचें कि अकेले हैं। पुलिस विभाग का हर शख्स 24 घंटे मदद के लिए तैयार है। इसके बाद एसपी ने उस घर में दीपक जलाए। पटाखे छोडे व मिठाई खिलाई।
पुलिस टीम ने कॉटन कॉर्पोरेशन से रिटायर्ड प्रकाश देशमुख व उनकी पत्नी के साथ भी दिवाली मनाई। उनका बेटा विदेश में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। लाल बाग लाइन के बच्चों को रोज मुफ्त पढ़ाने वाले द्वारकापुरी के सिपाही संजय सांवरे ने भी बच्चों के साथ दीपावली मनाई। पश्चिम एसपी अवधेश गोस्वामी भी बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हें मिठाई व तोहफे दिए।
