भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक छवि भारद्वाज IAS को हटा दिया है। उन्हें सचिवालय में OSD बनाकर लूप लाइन में डाल दिया गया है। याद दिला दें कि उन्होंने नसबंदी के संदर्भ में एक विवादित आदेश जारी किया था। इस आदेश में कहा था कि यदि कोई कर्मचारी नसबंदी का टारगेट पूरा नहीं कर पाया तो उसे जबरदस्ती रिटायर कर दिया जाएगा।

जनसंख्या नियंत्रण पर कमलनाथ सरकार ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया था। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वो कम से कम एक व्यक्ति की नसबंदी कराएं और अगर ऐसा नहीं होता है तो उनको जबरदस्ती वीआरएस दे दिया जाएगा और उनके वेतन में भी कटौती की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को पुरूष नसबंदी के लक्ष्य पूरा ना करने पर वेतन में कटौती और अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का आदेश दिया गया था। इसके साथ ही आदेश में टारगेट पूरा ना करने पर नो पे, नो वर्क के आधार वेतन ना देने की बात कही गई थी। कर्मचारियों के लिए पांच से दस पुरूषों की नसबंदी कराना अनिवार्य किया गया है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मध्य प्रदेश मिशन संचालक छवि भारद्वाज की ओर से जारी आदेश को राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला अधिकारियों, सीएमओ और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजा गया था। साल 2019-20 में पुरुष नसबंदी की असंतोषजनक जाहिर करते हुए छवि भारद्वाज ने आदेश में पुरुष नसबंदी की गंभीरता से समीक्षा करने की अपील की थी।

कमलनाथ सरकार के इस आदेश पर बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के फैसले के इमरजेंसी की याद दिलाती है। कांग्रेस आज इसे इमरजेंसी की बात करते हैं, जबकि उनके राज्य में इमरजेंसी लगी है। मध्यप्रदेश के मंत्री अगर उनका बचाव करते है तो उनके पास इनका अनुभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *