भोपाल। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों और इस महामारी के कारण पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए मप्र के सभी जिलों के लिए मुख्यंमत्री राहत कोष से एक-एक करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मंगलवार को प्रदेश के सभी कलेक्टर को जारी किए गए कोविड-19 की रोकथाम के लिए कार्यवाही जाने के संबंध में पत्र जारी हुआ है। मुख्यंमत्री राहत कोष से जारी राशि को कलेक्टर द्वारा आवश्यक उपकरण क्रय करने, पुनर्वास शिविरों की व्यवस्था करने, मेडिकल शिविरों के संचालन, संचालित शिविरों का पर्यवेक्षण, संचालन और आवश्यक कार्यों में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए क्रय की जाने वाली सामग्री, साफ-सफाई के लिए खर्च में उपयोग किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने सभी जिलों के कलेक्टर को जारी पत्र में राशि के उपयोग के लिए 4 बिंदुवार जानकारी दी गई है। राशि के व्यय के संबंध में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक अंतर्विभागीय समिति का गठन किया जाना होगा, जो कोविड की रोकथाम के लिए खर्च राशि का परीक्षण, पर्यवेक्षण और स्वीकृति के लिए सक्षम होगी। इसके साथ ही खर्च होने वाली राशि के लिए आपातकालीन स्थिति को देखते हुए निविदा प्रक्रिया का पालन करना जरूरी नहीं होगा। लेकिन, खर्च होने वाली राशि के जुड़े तमाम कागजात जिला स्तर पर सुरक्षित रखा जाए और उसे तय फार्मेट के सीएम आॅफिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
