ग्वालियर। कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। कई ऐसे मामले देखने को आते हैं जिनमें कम उम्र के बच्चे बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल कर लेते हैं और लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने के लिए मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही कारनामा किया है भिण्ड जिला पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह की जुड़वा बेटियों नव्या एवं भव्या ने। नव्या और भव्या ने अभी अपनी उम्र के 12 वसंत ही पूरे किए थे कि उन्होंने अपनी किताब ही लिख डाली। इस किताब का शीर्षक है पोस्ट मिलेनियल टेल्स। यह किताब माइक्रोटेल वर्ग की है, जिसमें छोटी-छोटी कहानियों के जरिये लेखकद्वय ने विषय वस्तु को बेहद ही संजीदा तरीके से रखा है। इस किताब में 50 छोटी-छोटी कहानियों के जरिये जुड़वां बहनों ने महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य एवं जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों को उदाहरण देते हुए प्रस्तुत किया है।

नव्या एवं भव्या की लिखी हुई किताब पोस्ट मिलेनियल टेल्स पर किताब समीक्षकों ने भी अपनी समीक्षा दी है और उन्हें 5 में से 4.3 स्टार मिले हैं। यह किताब ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट जैसे कई ऑनलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध है। किताब को जो सराहना मिली है उसी का परिणाम है कि कोविड-19 महामारी के बाद पहली बार दिल्ली में 12 से 14 मार्च तक आयोजित किताब महोत्सव शेल्फेबुक्स बुक फेस्टिवल में इस किताब को सम्मिलित किया गया है।

नव्या एवं भव्या से जब पूछा गया कि इतनी छोटी सी उम्र में आखिर उन्होंने कैसे इस किताब को लिखा? तो उनका कहना था कि उनके घर में सभी को साहित्य से प्रेम है। उनको अपने माता पिता से प्रेरणा मिली और इसी के चलते उनकी रूचि भी किताबें पढ़ने और लेखन में है। वर्तमान में जब युवा पीढ़ी मोबाइल और इंटरनेट में समय गंवा रही है, वहीं इसके विपरीत नव्या एवं भव्या अपना समय किताबें पढ़ने और लिखने में व्यतीत करती हैं। आसपास घटित होने वाला कोई भी वाकया जो उनके दिमाग में दस्तक देता है वह उसे नोट कर लेती हैं और फिर पढ़ाई के बाद खाली समय में उसे पन्नों पर उतार लेती हैं।

जुड़वां बहनों नव्या एवं भव्या के पिता मनोज कुमार सिंह आईपीएस हैं जो इस समय भिण्ड जिला पुलिस अधीक्षक हैं एवं माँ रुचि सिंह जबलपुर में विद्यालय संचालित करती हैं। दोनों ही बहनें दिखने में तो एक जैसी हैं ही, वह कपड़े भी एक जैसे पहनती हैं। वह हर काम को मिलकर करती हैं और यही कारण है कि उन्होंने मिलकर इस किताब को लिखा है। चाहे सिंगिंग हो या स्पीच या राइटिंग दोनों बहनें हमेशा मिलकर ही कार्य करती हैं। अपनी उम्र से कहीं बढ़कर सोच रखने वाली दोनों बहनें हम उम्र बच्चों के साथ ही बड़ों को भी सीख देकर समाज और देश के उत्थान के संदेश देना चाहती हैं। इसके लिए दोनों बहनें द इंस्पाइरर्स नाम से एक यू ट्यूब चैनल भी चला रहीं हैं। उम्र के हिसाब से दोनों बहनों की प्रतिभा देखकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा।

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