ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के फूप थाने में आज भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता ने अपने साथियों के साथ एक उपनिरीक्षक की पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि एसआई रोहित गुप्ता ने क्वारी नदी में गणेश विसर्जन के दौरान कुछ लोगों को गहरे पानी में जाने से रोका था। इसी दौरान विवाद हो गया और भाजपा नेता ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस पर हमले में एएसआई गुप्ता तथा पुलिस के अन्य जवान घायल हुए है। घटना क्वारी नदी और फूप थाने की है पर अधिकारी अपनी लाज बचाने के लिए घटना क्वारी नदी के पुल की बता रही है जबकि पुलिस पर हमला फूप थाना परिसर में भी हुआ है।पुलिस पर हमले के दौरान फूप थाने में हडकंप मच गया।
थाने में हमला कर पुलिस की मारपीब् को लेकर पुलिस के सभी अधिकारी संशय में है। भिण्ड जिले में पुलिस पर हमला यह पहली घटना नहीं है। पुलिस पर हमला होना एक आम बात है। घायल एसआई रोहित गुप्ता ने बताया कि पुलिस पर जानलेवा घटना बडी बात है हमलावरों ने मेरी सर्विस रिवाल्वर भी छीनने की कोशिश की। पुलिस ने मुख्य आरोपी रक्षपाल सिंह राजावत को पकड लिया है।
उधर भाजपा नेता का कहना है कि मैंने पुलिसकर्मियों से कहा था कि रास्ते में जाम लग रहा है और आप यहां बैठे हो, वहां जाकर जाम खुलवाओ। इस पर वे मुझसे कहने लगे कि तुम अपना काम करो। इसके बाद एसआई गुप्ता उसके पास आए और गाली दी और कहने लगे तुम ज्यादा नेता बन रहे हो। तुम्हारा जूलुस निकाल देंगे। इसके बाद एसआई ने अपनी सर्विस रिवाल्वर निकालकर मुझे धमकाया और मेरे पैर पर फायर करने का प्रयास किया। मैंने इसका बचाव किया था। भाजपा नेता ने कहा कि मैं जब इसके खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा तो इसकी भी सुनवाई नहीं हो रही है।

मध्यप्रदेश के महेश्वर में अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर महिलाओं ने हमला कर दिया। महिलाओं ने आबकारी निरीक्षक भावेल को डंडों से पीटते हुए गांव से बाहर मुख्य मार्ग से निकाला। घटना के बाद आबकारी टीम केस दर्ज कराने थाने पहुंची। बताया जा रहा है कि इस दौरान आबकारी निरीक्षक की सर्विस रिवाल्वर भी गायब हो गई, जो अभी तक नहीं मिली है। सूचना मिलने के बाद पुलिस रिवाल्वर की तलाश में वार्ड नंबर 8 में पहुंची है। कई जगह छापेमारी की जा रही है।

सरकारी महकमे का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी हो सुरक्षित नहीं है। भ्रष्टाचार ने कारण लोगों में कानून का जरा भी भय नहीं है। सही बात तो ये है जिस सरकारी कर्मचारी या अधिकारी पर हमला होता है तो उस कर्मचारी अधिकारी के जो विरांधी होते है वो हमलावारों की सहायता करते है। यही कारण है कि आजकल कहीं भी कोई भी पुलिस पर भी हमला करने से नहीं डरता।

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