ग्वालियर। मध्यप्रदेश के दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई और कडे कानून बनाए जाने के बाद भी इससे जुडे कारोबारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। ग्वालियर जिला प्रशासन और फूड विभाग की टीम ने मिल्क प्रॉडक्ट तैयार करने वाली प्यूरालाइट कंपनी के मुरार स्थित प्लांट से शरीर के लिए जहर माने जाने वाले केमिकल जब्त किए हैं।
यहां 2330 किलो पाउडर वाला और 100 लीटर लिक्विड केमिकल मिला। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों व शहर में रोजाना बडी मात्रा में दूध, दही, पनीर और फ्लेवर्ड योगार्ट सप्लाई देने वाली इस कंपनी के प्लांट पर एक भी गाय या भैंस नहीं थी। मैनेजर रविंद्र सिंह ने पूरा दूध आगरा से आना बताया, लेकिन वहां से किस डेयरी या फर्म से दूध आता है, ये नहीं बता पाए। इसके बाद अधिकारियों ने सीधा सवाल किया कि क्या इन केमिकलों से दूध और दूसरे उत्पाद तैयार कराते हो। मैनेजर ने कोई जवाब नहीं दिया। ग्वालियर की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व(एसडीएम) पुष्पा पुषाम ने सभी केमिकलों को जब्त करने के निर्देश टीम को दिए और बदबूदार 14 किलो घी, खराब हो चुका पांच लीटर दूध और 48 किलो दही फिंकवाया। साथ ही टीम ने पनीर, दूध और दही के सैंपल लिए।

एक्सपर्ट डॉ. प्रदीप प्रजापति, ये सभी केमिकल शरीर के लिए जहर के समान ही हैं। ये आंतों, लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। इन केमिकलों को किसी भी फूड प्रॉडक्ट के लिए बैन किया जा चुका है। कैल्शियम क्लोराइड, प्रोपाइल एल्कोहल और सिट्रिक एसिड जैसे केमिकल आंतों से रक्त में और फिरलिवर व किडनी में पहंुचते हैं। इससे लिवर में सूजन व किडनी में इन्फेक्शन होता है। लंबे समय तक इनके सेवन से लिवर और किडनी डैमेज हो जाती है, जो कि जानलेवा होता है।

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