ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के गोरमी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जेपीएस कुशवाह की टीम ने भरत नर्सिंगहोम को सील कर दिया। एमबीबीएस डॉक्टर का नाम लिखकर नर्सिंग के छात्र नर्सिंग होम का संचालन कर रहे थे। कल 19 अक्टूवर को सीएमएचओ की टीम पहुंची तो नर्सिंग होम में डॉक्टर नहीं मिले। सिर्फ स्टाफ मिला। टीम ने नर्सिंग होम संचालक संजीव बरैठा को गोरमी पुलिस के हवाले किया है। दरअसल इस नर्सिंग होम के इलाज से भाजपा नेता ओपी लहारिया के नाती की तबीयत बिगड गई थी, इसकी 16 अक्टूबर की रात इलाज के दौरान ग्वालियर के बिडला अस्पताल में मौत हो गई। भाजपा नेता ने सीएमएचओ से शिकायत की। इसके बाद सीएमएचओ की टीम ने कार्रवाई की है।
भाजपा नेता ओमप्रकाश लहारिया के बेटे अवधविहारी लहारिया गोरमी में सीमेंट कारोबारी हैं। लहारिया का 8 वर्षीय बेटा अंश लहारिया की तबीयत बिगडी तो उन्होंने घर के सामने भरत नर्सिंगहोम में चेक कराया। यहां मौके पर मिले मनीष शर्मा ने चेक किया और ग्वालियर में फोन कर किसी डॉक्टर से इलाज पूछ लिया। फोन पर पूछे गए इलाज अंश को दिया गया। लहारिया का कहना है कि 16 अक्टूबर को रात में अंश की तबीयत ज्यादा बिगडी। नर्सिंगहोम में फोन कर तबीयत के बारे में बताया गया तो कहा गया कि सीरियस है तो ग्वालियर ले जाओ। अंश को ग्वालियर में बिडला अस्पताल ले जाया गया। यहां रात में ही अंश की मौत हो गई। 17 अक्टूबर को दाह संस्कार करने के बाद 18 अक्टूबर को भाजपा नेता लहारिया ने पडताल की तो पाया कि नर्सिंग होम का संचालन नर्सिंग के छात्र कर रहे हैं। यहां दिखाने के लिए डॉक्टरों के नाम लिखे गए हैं। लहारिया ने सीएमएचओ डॉ. जेपीएस कुशवाह से शिकायत की। सीएमएचओ ने नर्सिंगहोम की जांच के लिए डॉ. शिवराम सिंह कुशवाह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बीआर आर्य, बाबू अजेंद्र सिंह को भेजा। टीम अस्पताल पहुंची तो यहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। टीम ने यहां से रिकॉर्ड को जब्त किया। नर्सिंगहोम संचालक संजीव बरैठा को गोरमी पुलिस के हवाले किया है।
डॉ. शिवराम कुशवाह ने बताया कि नर्सिंगहोम का संचालन संजीव बरैठा कर रहा था। रजिस्ट्रेशन में एमबीबीएस डॉ. अभिषेक बौहरे का नाम लिखा है, लेकिन यह नर्सिंगहोम में मिले नहीं। डॉ. कुशवाह का कहना है प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अंश को उसके परिजन नर्सिंगहोम लेकर पहुंचे थे तो यहां मौजूद मनीष शर्मा ने फोन से ग्वालियर में डॉ. विशाल सिंह यादव से कंसल्ट कर इलाज दे दिया था। डॉ. कुशवाह का कहना है वे पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। ग्वालियर से डॉ. यादव को बुलाकर बयान लिए जाएंगे। साथ ही संचालक संजीव बरैठा पर केस दर्ज कराया जाएगा। इसके संचालन में मनोज लोधी, मनीष शर्मा के नाम भी सामने आए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉं. जेपीएस कुशवाह ने आज यहां बताया कि शिकायत मिलने पर गोरमी में भरत नर्सिंगहोम को सील किया गया है। यहां जांच टीम पहुंची तो नर्सिंग होम में कोई डॉक्टर नहीं मिला। नर्सिंग के छात्र संचालित किए थे। मौके पर खुद को नर्सिंगहोम का संचालक बताने वाले को पुलिस के हवाले किया है। जांच के बाद कायमी की जाएगी।
