हनी ट्रैप केस की जांच के लिए राज्य सरकार ने अब डीजी स्तर के सीनियर आईपीएस अधिकारी राजेंद्र कुमार को एसआईटी का जिम्मा सौंपा है। मौजूदा एसआईटी चीफ संजीव शमी को बदलकर पुलिस भर्ती एवं एंटी नक्सल आॅपरेशन में भेजा गया है। 9 दिन पहले बनी एसआईटी में यह तीसरा बदलाव है। राजेंद्र कुमार 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसके साथ ही कुछ और सीनियर आईपीएस अधिकारियों के कामकाज में परिवर्तन किया है। उन्होंने पुलिस अफसरों के विवादों के बीच बड़ी सर्जरी में तीन वर्ष से ज्यादा एक स्थान पर पदस्थ वरिष्ठ अफसरों को भी बदल दिया है। राजेंद्र कुमार के साथ एसआईटी टीम में एडीजी सायबर क्राइम मिलिंद कानस्कर और एसएसपी इंदौर रुचि वर्धन मिश्र रहेंगी। मंगलवार की देर शाम मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती और डीजीपी वीके सिंह से इस बारे में चर्चा करने के बाद एसआईटी को बदला है।

इसके साथ ही स्पेशल डीजी सायबर सेल व एसटीएफ प्रमुख पुरुषोत्तम शर्मा को भी डीजीपी से विवाद के चलते हटना पड़ा। उन्हें संचालक लोक अभियाेजन का जिम्मा दिया गया है। वे राजेंद्र कुमार की जगह पर जाएंगे। संजीव शमी को एसआईटी से हटाए जाने पर कहा जा रहा है कि राज्य सरकार यह मान रही है कि हनी ट्रैप केस की जांच के लिए एटीएस सही एजेंसी नहीं है। वहां से सिलेक्टिव लीक जांच को प्रभावित कर रहे हैं।

यहां बता दें कि राज्य सरकार ने हनी ट्रैप केस की जांच के लिए सबसे पहले 23 सितंबर को एसआईटी गठित की और चीफ डी. श्रीनिवास वर्मा को बनाया, लेकिन इस नियुक्ति को लेकर विवाद बढ़ा तो अगले ही दिन एटीएस चीफ रहे संजीव शमी को कमान दे दी गई। शमी को उनके हिसाब से टीम भी दी गई। इसमें आईपीएस रुचि वर्धन भी रहीं। शमी की इस टीम को जांच करते एक सप्ताह ही हुए थे कि राज्य सरकार ने अब राजेंद्र कुमार को इसकी कमान दी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ संजीव शमी को एसआईटी चीफ बनाए जाने के बाद से ही उनके कामकाज को लेकर खुश नहीं थे। शमी को तब एसआईटी का जिम्मा डीजीपी वीके सिंह ने दिया था। सोमवार को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती और डीजीपी सिंह को बुलाकर न केवल हनी ट्रैप केस की जानकारी ली, बल्कि शमी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। यह भी कहा कि हनी ट्रैप के बीच पुलिस के दो अाला अधिकारियों डीजीपी सिंह और सायबर सेल के डीजी पुरुषोत्तम शर्मा के बीच की खींचतान से देश में मप्र के प्रति गलत संदेश जा रहा है। इसी दौरान पुलिस के आला अधिकारियों की प्रशासनिक सर्जरी का खाका खिंचा। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने बड़े स्तर पर इस बदलाव को मंजूरी दे दी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव व डीजीपी से बात की।

बड़ी सर्जरी में राज्य सरकार ने लंबे समय परिवहन आयुक्त रहे शैलेंद्र श्रीवास्तव को पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन की जवाबदारी दी है। श्रीवास्तव को जब परिवहन भेजा गया था, तब रेवेन्यू एक हजार करोड़ रुपए था। यह उनके कार्यकाल में बढ़कर 4 हजार करोड़ रुपए हो गया। उनकी छवि को देखते हुए उन्हें पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन भेजा गया है। इधर, शमी के चयन भर्ती में जाने से साफ है कि आने वाले समय में होने वाली 20 हजार भर्तियों का काम उन्हें करना पड़ेगा।

सूची इस प्रकार है
राजेंद्र कुमार – संचालक, लोक अभियोजन – स्पेशल डीजी, सायबर
डाॅ. शैलेंद्र श्रीवास्तव – स्पेशल डीजी व परिवहन आयुक्त – अध्यक्ष, पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन
केएन तिवारी – स्पेशल डीजी, ईओडब्ल्यू – स्पेशल डीजी, चयन एवं भर्ती
पुरुषोत्तम शर्मा – स्पेशल डीजी, सायबर एवं एसटीएफ – संचालक, लोक अभियोजन
पवन जैन – एडीजी, योजना – एडीजी, लोकायुक्त संगठन
कैलाश मकवाना – एडीजी, इंटेलीजेंस – एडीजी, प्रशासन
मिलिंद कानस्कर – एडीजी, आरएपीटीसी – एडीजी, सायबर
जीपी सिंह – एडीजी, एंटी नक्सल अाॅपरेशन – एडीजी, एससीआरबी
सुशोभन बनर्जी – एडीजी, लोकायुक्त संगठन – प्रभारी डीजी, ईओडब्ल्यू
एसडब्ल्यू नकवी – एडीजी, प्रशासन – एडीजी, इंटेलीजेंस
व्ही मधुकुमार – एडीजी, लोकायुक्त संगठन – आयुक्त, परिवहन
राजेश गुप्ता – एडीजी, सायबर – एडीजी, एटीएस
आदर्श कटियार – एडीजी, एससीआरबी – एडीजी व आईजी भोपाल
संजीव शमी – एडीजी, एटीएस – एडीजी, चयन एवं भर्ती
योगेश देशमुख – आईजी, भोपाल – आईजी, प्रशासन
– इन्हें मिला प्रमोशन
अनंत कुमार सिंह – आईजी, लाॅ एंड आॅर्डर – एडीजी, योजना
आशुतोष राय – आईजी, होशंगाबाद – एडीजी व आईजी, होशंगाबाद
राजाबाबू सिंह – आईजी, ग्वालियर – एडीजी व आईजी, ग्वालियर
डीपी गुप्ता – आईजी, चंबल – एडीजी व आईजी, चंबल
– शैलेष सिंह ओएसडी मुंबई पदस्थ

वर्ष 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी व एडीजी चयन एवं भर्ती शैलेष सिंह को राज्य शासन ने मुंबई में ओएसडी पदस्थ किया है। वे मुंबई में आरबीआई हैडक्वार्टर से आपराधिक प्रकरणों में समन्वय करेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार से मिले अन्य कार्यों को संपादित करेंगे।
आदर्श कटियार को भोपाल एडीजी व आईजी का जिम्मा

एसआईटी में सायबर एक्सपर्ट कानस्कर को शामिल किया : राजेंद्र कुमार की एसआईटी में सायबर एक्सपर्ट के तौर पर मिलिंद कानस्कर को शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि राजेंद्र कुमार जरूरत के हिसाब से अन्य अफसरों की सेवाएं ले सकते हैं। इसमें डीजीपी उनका सहयोग करेंगे।
मंत्रियों-अफसरों के बंगलों पर सीसीटीवी लगाए जाएं : नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सीएम से मांग की है कि मंत्रियों-अफसरों के बंगलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। देखा जाए कि बंगलों पर कौन आ रहा है और कौन जा रहा है। साथ ही इन मामलों को रोकने के लिए कानून बने, क्योंकि ये प्रशासनिक व राजनीतिक सिस्टम को प्रदूषित करते हैं।
योगेश देशमुख अब आईजी प्रशासन, डीआईजी वली से नहीं बनी : बताया जा रहा है कि भोपाल आईजी योगेश देशमुख और डीआईजी इरशाद वली के बीच काफी समय से पटरी नहीं बैठ रही थी। यह जानकारी डीजीपी से लेकर वरिष्ठ स्तर तक पहुंच गई थी। लिहाजा प्रशासनिक सर्जरी में राज्य सरकार ने योगेश देशमुख की जगह एडीजी व आईजी आदर्श कटियार को भोपाल का जिम्मा सौंपा।

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