भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल अयोध्या नगर के तत्कालीन थाना प्रभारी हरीश यादव और उनके तीन सहयोगी पुलिसकर्मियों ने कॉल गर्ल्स के साथ मिलकर लोगों को ब्लैकमेल करके लाखों रुपए की वसूली की थी। पुलिस की जांच में हरीश यादव की संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद आईजी भोपाल योगेश देशमुख द्वारा सागर एसपी को हरीश के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया है। इस संबंध में भोपाल पुलिस भी हरीश यादव को नोटिस भेजकर तलब करेगी । शुक्रवार को दोनों कॉल गर्ल्स और दोनों दलालों को कोर्ट से जमानत मिल गई।
टारोपी हरीश यादव अभी सागर के बहेरिया थाने में टीआई है। 24 सितंबर को पकड़ाई गैंग शादीशुदा और व्यापारियों को ज्यादती के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थी। कॉलगर्ल के मोबाइल फोन में हरीश यादव, मिसरोद में पदस्थ एएसआई बहादुर पटेल, अयोध्या नगर थाने में पदस्थ सिपाही रुपन राजू और सिपाही संघरत्ना सिंह के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। भोपाल में पदस्थ तीनों पुलिसकर्मियों को डीआईजी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अयोध्या नगर थाने में पदस्थ सिपाही रुपन राजू कॉल गर्ल्स और दोनों दलालों के संपर्क में था। उसने ही हरीश यादव को इस गैंग से मिलाया था। हरीश यादव ने उन्हें धमकाया था कि मेरे थाना क्षेत्र में कुछ भी करो उसकी जानकारी मुझे होना चाहिए। कॉल गर्ल्स अयोध्या नगर की एक सोसायटी में ही रह रहीं थी।
एएसआई बहादुर पटेल और सिपाही संघरत्ना सिंह बाबू मंडल और गिरि के साथ पहले से ही जुड़े हुए थे। हरीश यादव ने थाना प्रभारी अयोध्या नगर के अपने पांच महीने (12 अक्टूबर 2018 से 2 मार्च 2019) के कार्यकाल में पांच से ज्यादा बिजनेसमैन को ब्लैकमेल करके लाखों रुपए वसूल किए थे। व्यापारियों से जो रकम टीआई द्वारा वसूली जाती थी उसमें से 10 से 15 हजार रुपए ही कॉल गर्ल्स को दिए जाते थे।
भोपाल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) योगेश देशमुख ने बताया कि इस मामले में थाना प्रभारी के खिलाफ कुछ साक्ष्य मिले हैं। मैंने आईजी सागर को पत्र लिखकर थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की है।

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