जबलपुर.मप्र को समृद्ध, विकसित, गौरवशाली और प्रगतिशील प्रदेश बनाना सरकार का लक्ष्य है और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास जरूरी है, क्योंकि शहर विकास का दर्पण होता है, इसलिए प्रदेश सरकार आने वाले पांच वर्षों में शहरों के विकास के लिए 86 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
– वे सदर पेंटीनाका स्थित गैरीसन ग्राउण्ड में नगर उदय अभियान के समापन कार्यक्रम के तहत आयोजित हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
– जिसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से प्रदेश की 378 नगरीय निकायों में हो रहा था। सीएम ने कहा कि जबलपुर में ही नगर उदय अभियान में 85,303 लोगों को लाभ मिला है।
– उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के तहत प्रदेश में सुंदर सड़कें, फ्लाई ओव्हर बनाए जाएंगे। शहरों का विकास तो होगा ही, साथ ही जनता का कल्याण भी होगा।
– प्रदेश में कोई गरीब भूखा न रहे, उसके लिए सरकार की उन्हें 1 रुपए किलो नमक, चावल देने की योजना है।
– उन्होंने कहा कि हर गरीब का छोटा ही सही, लेकिन उसका भी आशियाना होगा। इसलिए मध्यप्रदेश के बजट सत्र में कानून बनाकर गरीबों को जमीन का मालिक बनाऊंगा।
– गरीब को केवल रोटी, कपड़ा, मकान, दवाई, पढ़ाई चाहिए। किसी गरीब को प्रदेश की धरती पर भूखा नहीं सोने दूंगा। उन्होंने कहा कि शहरों में शुद्ध पानी के लिए 6 हजार 49 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
– ठोस अपशिष्ट से बिजली बनाने वाला प्रदेश का पहला शहर बनने के लिए मैं जबलपुर को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक प्रदेश के सारे शहर खुले में शौच मुक्त होंगे।
– जल-मल को नदियों में नहीं मिलने दिया जाएगा, इसके लिए ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे। 20 शहरों के लिए लो फ्लोर की 2100 बसें खरीदी जाएंगी।
मासूमों के दुष्कर्मियों को फांसी का कानून
मासूमों के साथ दुष्कर्म करने वालों को फांसी का प्रावधान हो। इस कानून को प्रदेश सरकार भारत सरकार को भेजेगी और अमल में लाने का प्रस्ताव रखा जाएगा, ताकि तेजी से बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं शिवराज सिंह ने कहा कि 1 मई से प्रदेश में पॉलीथिन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा, क्योंकि गंदगी का सबसे बड़ा कारण पॉलीथिन ही है और स्वच्छता अभियान में यह सबसे बड़ी बाधक है।
