इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में लोगों को खुदाई में बेशकीमती रत्न, सोने के सिक्के मिलना बताकर उन्हें जंगल में बुलाकर लूटने वाली गैंग के एक बदमाश को स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक विशेष सर्चिंग आपरेशन चलाकर पकडा है। आरोपी अंतरराज्यीय गैंग का सरगना है। इसकी गैंग ने मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में सैंकडों लोगों को सोने के असली सिक्के दिखाकर नकली सिक्के देकर धोखाधडी की है वहीं कुछ लोगों को सिक्के के बहाने अपने इलाकों के जंगलों में बुलाकर लूटा भी है। इस गैंग के सरगना को पकडने के लिए एसटीएफ टीम गांव झिरियाडोह में पहुंची तो गांव वालों से पथराव कर हमला करवा दिया। बंदूकें तान दी। लेकिन सूझबूझ से टीम आरोपी को साथ ले आई। इसके दो साथियों की ओर तलाश है।

एसटीफ एसपी पद्म विलोचन शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रंजीत उर्फ रंजिन(30) पिता सरकस पारदी निवासी बैजनपुर थाना सिवनी मालवा जिला होशंगाबाद है। आरोपी के कब्जे से टीम को 185 सोने के नकली सिक्के मिले जो देखने में सोने जैसे लगते हैं। ये गैंग का मुख्य सरगना है इसके अलावा इसकी गैंग में आरोपी के छह भाई अरविंद पारदी(45), अरकिस पारदी(42), प्रहलाद पारदी (40), सरकिल पारदी (35), अरतिस पारदी (28) और आनंद पारदी (26) साल हैं। इसके पिता सरकस पारदी (65) और चाचा चुन्नीलाल(75), रिश्तेदार नागदिलाल(70), निगरु, अर्जुन भी इसी तरह की वारदातें कर चुके हैं। ये पूरा परिवार मिलकर लोगों को सोने के सिक्के व खुदाई में मिले रत्न, नागमणि के नाम पर ठगी व धोखाधडी करता है। इस पूरे परिवार के लोगों के करीब 20 से ज्यादा अपराध विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इस गैंग का आतंक इतना है कि इनके गांव में या डेरे पर स्थानीय पुलिस का कोई अधिकारी जाता तक नहीं है। ये गांव में पुलिस को देख पथराव कर हमला कर देते हैं।

एसटीएफ टीआई एम ए सैय्यद ने बताया कि आरोपी सरगना रंजित की गैंग में शामिल बदमाश विजय उर्फ छोटू(30) पिता कमल हलवाई, गुलाब(35) निवासी झिरियाडोह भी शामिल हैं। आरोपी छोटू और गुलाब की तलाश की जा रही है। छोटू भंवरकुआ के एक होस्टल में काम करता है ये ही इंदौर में लोगों को असली सोने का सिक्का दिखाकर झांसे में लेता था। लोग सुनार से चेक करवाकर आते तो उन्हें असली सोने का सिक्का ही बताया जाता था। बाद में दूसरा सिक्का मांगने पर भी वह उन्हें असली ही सिक्का देता था। जब लोगों को विश्वास होता तो वह अपने सरगना रंजित के पास गांव में सिक्के लेने चलने का बोलकर वहां या तो उन्हें लूट लेते थे। या सोने जैसे दिखने वाले नकली सिक्के टिका कर रुपया ऐंठ लेते थे। इस गैंग ने इंदौर के ठेकेदार अंकित पिता विजय बोरकर निवासी न्यू देवास रोड से 1 लाख रुपये ठग लिए थे।

टीआई सैय्यद ने बताया कि गैंग का मुख्य क्षेत्र इंदौर, टिमरनी, ढेकना, पगदाल, सिवनी मालवा, बैतुल रोड, झिरियाडोह गांव, गुजरात में सीकर, राजस्थान, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ में कुछ गांव है। एसटीएफ टीम ने हेड कांस्टेबल श्रीकृष्ण बोर्डे, कांस्टेबल विनोद यादव, विराट,हेमंत और विकास को अलग-अलग ग्राहक बनाकर रंजित से सिक्कों के लिए संपर्क करवाया था। जैसे ही ये सिक्के देने को राजी हुई तो 7 लोगों की टीम ने टिमरनी बैतुल रोड पर झिरियाडोह गांव में सादी वर्दी में पहुंचकर इसे सोने की गिन्नियां लेने के बहाने 2 किमी अंदर जाकर दबोचा। जब इसे दबोचा तो इसने अपने गांव के लोगों को पुलिस वालों को चोर लुटेरे बताकर बुला लिया। लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव किया और बंदूकें तान दी थी, लेकिन टीम ड्राइवर देवेंद्र की चालाकी से बाल-बाल बचकर लौट आई। आरोपियों की गैंग ने जगदीश गुर्जर निवासी राऊ, मुकेश वर्मा निवासी जूनी इंदौर से भी ठगी की है। वहीं कुछ तमिलनाडु और गुजरात के लोगों को भी ऐसे ही बुलाकर लूटा है।

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