भोपाल। कोरोना महामारी में दिन रात सड़कों पर मौजूद रहने वाली खाकी वर्दी को यह महामारी बहुत महंगी पड़ी है। पिछले एक महीने में 1200 से ज्यादा अफसर और कर्मचारी संक्रमण झेल रहे हैं।  इतना ही नहीं इस जानलेवा महामारी ने पिछले एक साल में डेढ़ दर्जन पुलिस अफसर और जवानों को लील भी लिया। इसके चलते अब पुलिस मुख्यालय अपने जवानों और अफसरों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दे रहा है।

जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर प्रदेश पुलिस के जवानों और अफसरों पर घातक साबित हुई है। प्रदेश में पिछले एक महीने में 1200 से ज्यादा जवान संक्रमण की चपेट में आए हैं। इनमें से अधिकांश घर भी ही स्वास्थ लाभ ले रहे हैं। वहीं कुछ कर्मचारी अस्तपाल में भर्ती भी रहे। अधिकांश पुलिस अफसरों और जवानों का स्वास्थ तेजी से बेहतर हो रहा है।

एक स्पेशल डीजी पॉजिटिव पाए गए हैं। भोपाल के एडीजी,  प्रशासन शाखा के दो अफसर,  योजना शाखा के एक एआईजी, एसएएफ में पदस्थ एक  एआईजी, भोपाल ट्रैफिक पुलिस के एक बड़े अफसर भी कोरोना संक्रमित हो गए थे। ईओडब्ल्यू के भी कई अफसर संक्रमित हैं।  

पिछले रविवार को डीजीपी विवके जौहरी ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की थी, जिसमें उन्होंने हर जिले में पुलिसकर्मियों और अफसर जो कोरोना संक्रमित हैं, उनकी जानकारी ली । इसमें पता चला था कि बुंदेलखंड़ के एक जिले में महिला एएसपी कोरोना संक्रमित हैं, और वे मैटरनिटी पीरियड पर हैं।

डीजीपी ने उस जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार जानकारी लेते हैं। वहीं उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि जो पुलिस जवान और अफसर कोरोना से संक्रमित हैं, उनके परिजनों को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उनके परिजनों से संपर्क के लिए एक अफसर को तैनात किया जाए और उनकी जरुरतों का ध्यान रखा जाए।

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