इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग के खण्डवा जिले में कर्ज चुकाने और जल्द अमीर बनने के लिए नकली नोट छापकर बाजार में चला रहे खण्डवा जिला अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन व उसके दो साथियों को पदम नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके द्वारा लंबे समय से नकली नोट चलाने की सूचना के बाद पुलिस ने इन पर निगाह रखी और रंगे हाथ पकड लिया। इनके पास से 200 के 11 नकली नोट, कलर प्रिंटर और नकली नोट छापने का कागज बरामद किया। आरोपियों ने 15 हजार के नकली नोट छापकर बाजार में खपा दिए थे। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।

पदम नगर थाना प्रभारी पुष्पेंद्रसिंह राठौड ने बताया गोपाल जोशी 42 वर्ष निवासी बादशाह नगर जिला अस्पताल में एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर है। सट्टा खेलने के दौरान आरोपी कर्ज में आ गया। कर्ज उतारने के लिए अस्पताल क्षेत्र में सट्टा लिखने लगा। वह छह-सात लाख के कर्ज में डूब गया। पदमनगर थाना पुलिस के जवान अरविंद तोमर, अमित यादव को मुखबिर ने सूचना दी कि गोपाल जोशी उसके साथी करण रील, किशोर सैनी 200-200 रुपए के नकली नोट बाजार में चला रहे हैं। गोपाल भी लोगों से 200 का नोट देता व लेता है। तीनों के बीच मामला गडबड है। आरोपियों को पकडने की प्लानिंग बनाई। चार दिन से तीनों पर नजर रखी जा रही थी। आरोपी किशोर सैनी अस्पताल के सामने पराठे का ठेला लगाता है। जबकि करण लोगों को ब्याज पर रुपए देता है।

सोमवार को पडावा स्थित शराब दुकान की ओर पुलिस जवानों ने सूरज को जाते हुए देखा। उसे दुकान के बाहर ही पकड लिया। सूरज की जेब में एक 200 रुपए का नकली नोट मिला। पूछताछ करने पर उसने गोपाल जोशी का नाम बताया। पुलिस टीम ने गोपाल के घर पर दबिश दी। इस दौरान उसके घर से प्रिंटर, कागज सहित अन्य सामग्री जब्त की। गोपाल ने बताया उसने 15 हजार रुपए ही छापे थे। करण रील को 10 हजार रुपए दिए 3 हजार रुपए किशोर सैनी को दिए। बाकी रुपए मैंने खर्च किए।

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