000000ग्वालियर। केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, स्वच्छता एवं पेयजल मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि वर्तमान युग पारदर्शिता की क्रांति का युग है। इस युग में अब कुछ भी छुपा नहीं रह सकता। केन्द्र सरकार द्वारा अमृत योजना के तहत ग्वालियर के विकास के लिये जो 750 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है, उसका उपयोग भी पारदर्शितापूर्ण तरीके से किया जायेगा। उन्होंने यह बात उपनगर ग्वालियर में चार शहर के नाके से सागरताल तक दो करोड़ चार लाख रूपए की लागत से बनाई गई फोरलेन सडक़ के लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक और मध्यप्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने की।
तोमर ने कहा कि नगर निगम से लेकर केन्द्र तक एक ही विचारधारा की सरकार बनने के बाद ग्वालियर के विकास का सीन बदला है। सभी का समन्वित प्रयास है कि ग्वालियर विकास की ऊँचाईयों को छुए। ग्वालियर का चयन स्मार्ट सिटी के रूप में हो चुका है। अमृत योजना के तहत 750 करोड़ रूपए की राशि सीवर, पेयजल और सिटी ट्रांसपोर्ट जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिये स्वीकृत की जा चुकी हैं। इसका पारदर्शितापूर्ण ढंग से बेहतर उपयोग किया जायेगा।
इससे पूर्व पवैया ने कहा कि आम व्यक्ति के लिये विकास का मूल लक्ष्य सडक़, पानी, सीवर का बेहतर प्रबंधन और स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता होती है।
कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद अनीता जगराम कुशवाह की मौलिक निधि से 9 लाख रूपए से प्रदान किए गए टैंकर का लोकार्पण भी अतिथिगण द्वारा किया गया।

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