नीमच। मुख्यमंत्री कमलनाथ भारी बारिश और बाढ़ से बर्बाद हुए मंदसौर और नीमच जिलों का आज दौरा कर रहे हैं। इसी सिलसिले में वो नीमच के रामपुरा पहुंचे थे। जहां बीते दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रामपुरा की पौरवाल धर्मशाला में बनाए गए राहत कैंप में गए और वहां बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की। इससे पहले जलसंसाधन मंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के साथ वो गांधी सागर बांध के रिटेनिंग वॉल का निरीक्षण करने भी पहुंचे थे। इस वॉल के क्षतिग्रस्त होने के चलते ही नीमच के कई गांव जलमग्न हो गए थे।

बता दें कि बीते दिनों मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच जिले में जो बाढ़ आई थी। उसमें सबसे ज्यादा नुकसान रामपुरा में ही हुआ था। गांधीसागर बांध की रिंग वॉल क्षतिग्रस्त होने के चलते आधा दर्जन से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए थे। रामपुरा कस्बे में ही 10 से 15 फीट पानी भर गया था। मनासा विकासखंड के 10 गांवों में भी काफी नुकसान हुआ था। रामपुरा कस्बे में 200 से अधिक मकान और 250 से अधिक दुकानें प्रभावित हुईं थी। इससे करोड़ों रुपए का सामान नष्ट हो गया था। रामपुरा के अलावा मनासा, जीरन, नीमच और सिंगोली क्षेत्र में भी भारी बारिश से नुकसान हुआ है। यहां किसानों से चर्चा के बाद सीएम कमलनाथ ने कहा कि, 15 अक्टूबर तक हर प्रभावित व्यक्ति को सरकार मुआवजा दे देगी। सरकार बाढ़ प्रभावितों के साथ पूरी तरह खड़ी है। केंद्र सरकार की मदद के बिना राज्य सरकार सबकी मदद करेगी।

मुख्यमंत्री के रामपुरा पहुंचने से पहले ही प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह यहां पहुंच गए हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की और पोरवाल पंचायत के राहत शिविर का जायजा भी लिया है।

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