
भोपाल। भोपाल-इंदौर और आसपास के जिलों में चार दिन से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विदिशा और रायसेन में बाढ़ के हालात बन गए हैं। वहीं भोपाल में शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। इससे दो पुराने मकान भी ढह गए। मंगलवार रात से जारी बारिश रुक-रुककर सुबह तक होती रही। इससे भदभदा के 3, कोलार के 4 और कलियासोत के 5 गेट खोलने पड़े हैं। वहीं 13 साल में पहली बार कोलार के सभी 8 गेट मंगलवार को शाम खोले गए। 2006 के बाद ऐसा हुआ। मालवा और भोपाल में बरसात के कारण भिण्ड जिले की चंबल नदी भी उफान पर आ गई है। चंबल के आसपास के गांवों में बाढ की संभावना को लेकर मुनादी करा दी गई है।
चार दिन से जारी बारिश का सिलसिला बुधवार को भी सुबह से जारी है। सुबह दो बार तेज बारिश हुई है। इससे कई इलाकों में पानी भर गया है। कोलार, अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर और सलैया समेत 15 से ज्यादा कॉलोनियों में पानी भरने के साथ ही बिजली सप्लाई भी रात को प्रभावित रही।
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले की आष्टा तहसील के ग्राम पंचायत बरखेडा हसन में एक गर्भवती को ग्रामीण युवक जननी एक्सप्रेस नहीं पहुंचने के कारण खटिया को कंधों में उठाकर अस्पताल पहुंचे। असल में, गांव और कॉलोनी के बीच एक नाला उफान मार रहा था, इस कारण ग्रामीणों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। नाले के पार जननी एक्सप्रेस आ गई थी, इस दौरान युवकों ने प्रसूता को खटिया पर लिटाकर नाला पार कर जननी एक्सप्रेस में बिठाकर अस्पताल पहुंचाया। प्रसूता को आष्टा अस्पताल भर्ती किया गया है। ग्रामीणों ने बताया की रपटा बारिश में डूब जाता है, जिससे हम लोगों का संपर्क टूट जाता है। बारिश के समय बच्चों को भी ये नाला पार कर स्कूल जाना पडता है।
नर्मदा खतरे के निशान से ढाई फीट ऊपर, रात को 11.30 बजे प्रशासन ने घाटों से भीड़ को हटाया रू होशंगाबाद में नर्मदा खतरे के निशान 964 फीट से ढाई फीट ऊपर बह रही है। रात 12 बजे नर्मदा का जलस्तर 966.5 फीट था। नर्मदा का पानी बैक वॉटर के रुप में शहर में घुसने लगा है। नर्मदा देखने आई भीड़ को रात 11.30 बजे घाटों से हटा दिया गया। प्रवेश रोका गया है।
कोलार स्थित ग्राम बोरदा गोट पिकनिक मनाने आए 35 वर्षीय रिजवान खान की पानी में बहने से मौत हो गई। मंगलवार को अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ बोरदा घूमने आया था। शाम करीब 4.30 बजे बोरदा में केरवा पहाड़ी के पीछे बाबा झिरी में वह अपने परिवार के साथ एक चट्टान पर बैठा था। इस दौरान बारिश शुरू हुई और केरवा डैम से तेज बहाव आया। रिजवान और उसका परिवार चट्टान पर फंस गया। रिजवान ने एक-एक कर तीनों बच्चों और पत्नी को किनारे पहुंचाया। अचानक उसका पैर चट्टान में फंस गया और पानी बढने से वह बह गया। पुलिस ने नगर निगम के साथ रेस्क्यू चलाया और रिजवान का शव बरामद कर लिया।
मंगलवार शाम से लेकर सुबह तक भोपाल में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसे मिलाकर अब तक 157.62 सेमी बारिश हो चुकी है। हालात ये हैं कि सितंबर के 10 दिन में महीने के कोटे 16.87 सेमी से करीब दोगुनी यानी 31 सेमी बारिश हो गई। सीजन में 15वीं बार भदभदा के गेट खोलने पडे हैं।
कई जिलों का सड़क संपर्क टूटा रू भारी बारिश के चलते नर्मदा, तवा, बेतवा, शिप्रा सहित अन्य नदियां और कई नाले उफान पर हैं। प्रदेश के ज्यादातर बड़े बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। शहरों और कस्बों को जोड़ने वाले कई मार्ग बंद हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कमोबेश यही हालत बने रहेंगे। 13 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट है। कम दबाव का क्षेत्र भोपाल सहित प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में अगले तीन-चार दिन बारिश कराता रहेगा।
भिंड में चंबल नदी उफान पर रू प्रदेश में हो रही भारी बारिश के चलते चंबल नदी भी उफान पर है। भिण्ड में चंबल पुल पर 119 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया है और काफी तेजी से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। कोटा बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोडे जाने के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। भिण्ड जिले के अटेर के आधा दर्जन गांवों में बाढ का खतरा बढ़ गया है।
